बूढ़ी औरत और लड़की

एक गरीब लड़की जंगल में जड़ी - बूटियां इकट्ठा करने गई , मगर वह रास्ता भटक गई ।

उसे वापसी का मार्ग ही नहीं मिल रहा था ।

वह वहीं एक पेड़ के नीचे बैठकर रोने लगी ।

उसे बहुत भूख भी लगी थी ।

तभी लड़की ने उसी पेड़ पर बैठा एक कबूतर देखा ।

वह उसके पास आया और उसकी गोद में एक सुनहरी चाबी गिरा दी ।

" इस पेड़ के तने में एक दरवाजा है , उसे चाबी से खोलो । " उसने कहा ।

जब लड़की ने चाबी से तने का दरवाजा खोला , तो उसे वहां खाने - पीने का बहुत - सा सामान दिखाई दिया ।

उसने पेट भरकर स्वादिष्ट खाना खाया ।

इसके बाद कबूतर पेड़ से नीचे आया और उसकी गोद में दूसरी चाबी गिराकर बोला , " दूसरे पेड़ का दरवाजा खोलो । " लड़की ने ऐसा ही किया ।

वहां एक सुंदर पलंग रखा था । वह उस पर आराम से गहरी नींद सो गई ।

जब वह सोकर उठी , तो उसकी सारी थकान गायब हो चुकी थी ।

अगली सुबह लड़की ने देखा कि कबूतर एक अन्य चाबी लिए बैठा था ।

वह चाबी एक अलमारी की थी , जिसमें बहुत - सी पोशाकें रखी थीं ।

उसने एक सुंदर पोशाक पहन ली और राजकुमारी की तरह दिखने लगी ।

कबूतर

ने पूछा , " क्या तुम

हमारी मदद करना चाहोगी ? " लड़की बोली , " तुम बहुत दयालु हो ।

तुमने मेरी कितनी मदद की । मैं भी तुम्हारी मदद करूंगी ।

बोलो , क्या चाहते हो ? " कबूतर ने कहा , " मैं तुम्हें एक घर के पास ले जाऊंगा ।

एक बूढ़ी और घर का दरवाजा खोलेगी ।

तुम उससे बात किए बिना घर में चली जाना ।

उस एक कमरे में सोने - चांदी के छल्ले रखे हैं ।

वहीं एक सादा और बेरंग सा छल्ला भी होगा । तुम उसे मेरे लिए ले

घर आना । " वह लड़की सीधे उसी कमरे में गई , जहां वे छल्ले रखे थे ।

लेकिन उनमें कोई सादा और बेरंग छल्ला नहीं था ।

अचानक उसे वह बूढ़ी औरत अपनी टोकरी के साथ बाहर की ओर जाती दिखाई दी ।

लड़की उसके पीछे भागी और उसे रोक लिया ।

उस टोकरी में बिल्ली का एक छोटा - सा बच्चा था ।

बूढ़ी औरत ने बिल्ली के बच्चे के गले में रिबन द्वारा उस छल्ले को पिरो रखा था ।

लड़की तत्काल उस छल्ले को रिबन से खींच लिया ।

बूढ़ी औरत लड़की के पीछे ने बड़ी बहादुरी से बूढ़ी औरत की टोकरी छीनी और भागी , लेकिन वह बहुत तेज दौड़ सकती थी ।

लड़की बूढी औरत से बचकर जंगल में उसी जगह पहुंच गई , जहां उसे वह कबूतर मिला था ।

लड़की बुरी तरह थक गई थी , अतः वह कुछ देर आराम करने के लिए एक पेड़ के नीचे बैठ गई और कबूतर की राह देखने लगी ।

लेकिन काफी देर तक इंतजार करने के बावजूद कबूतर नहीं आया ।

पहले तो लड़की ने सोवा कि उसे कबूतर को भूलकर अपने घर का रास्ता खोजना चाहिए , लेकिन उसका दिल नहीं माना ।

अगर कबूतर ने उससे छल्ला मंगवाया था , तो उसे उससे कुछ काम अवश्य होगा ।

तभी लड़की देखा कि वह जिस पेड़ के नीचे बैठी थी , वह एक सुंदर राजकुमार में बदल गया ।

राजकुमार बोला , “ मुझ पर बूढ़ी औरत ने जादू कर रखा था- मैं आधा दिन कबूतर बना रहता था और आधा दिन पेड़ बना रहता था ।

मेरे सारे नौकर तथा घोड़े भी यही जादू झेल रहे थे ।

इस छल्ले ने बूढ़ी औरत का सारा जादू तोड़ दिया ।

" फिर लड़की ने देखा कि बाकी पेड़ भी राजकुमार के नौकर और घोड़े बन गए ।

राजकुमार उस बहादुर लड़की को अपने राज्य में ले गया तथा अपने माता - पिता से भेंट कराया ।

राजा और रानी ने राजकुमार की शादी उस लड़की से कर दी ।

इसके बाद वे लोग खुशी - खुशी रहने लगे ।